लखनऊ, 27 मार्च 2026।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के क्षेत्र में देश में मिसाल कायम की है। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां स्थापित होने से उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बन गया है। यह केवल आंकड़े नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आर्थिक स्थिति और आत्मनिर्भरता में आए बदलाव की कहानी भी है।
उत्तर प्रदेश ने एमएसएमई को आर्थिक रीढ़ के रूप में विकसित किया है। 96 लाख से अधिक इकाइयों के माध्यम से प्रदेश न केवल देश में प्रथम स्थान पर है, बल्कि रोजगार सृजन में भी अग्रणी बन चुका है। छोटे उद्योगों को आसान वित्त, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत सुधारों ने इस सेक्टर को मजबूत किया है।
योजनाओं से करोड़ों को रोजगार
युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1,47,312 युवाओं को लाभ मिला, जिससे 4,51,775 रोजगार सृजित हुए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 37,280 लाभार्थियों को 94,086 लाख रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2,98,240 लोगों को रोजगार मिला। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32,936 लाभार्थियों को 1,10,550 लाख रुपये प्रदान कर 2,63,488 रोजगार सृजित किए गए।
ओडीओपी और पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना से पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली। 20,396 लोगों को 90,364 लाख रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 3,26,473 रोजगार सृजित हुए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से बढ़ई, दर्जी, लोहार, कुम्हार, बुनकर, सुनार, नाई आदि कारीगर सशक्त हुए। 2019 से अब तक 4,20,540 लोगों को प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट प्रदान किए गए। ओडीओपी से प्रेरित ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना स्थानीय रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देगी।
नई औद्योगिक योजनाएं और भविष्य का विजन
औद्योगिक आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए 2023 में प्लेज स्कीम लागू की गई। प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्योग बढ़ेंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रदेश सरकार का ध्यान एमएसएमई को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने, निर्यात बढ़ाने और तकनीकी उन्नयन पर है। आने वाले वर्षों में यह सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।












