लखीमपुर खीरी, 02 अप्रैल 2026।
लखीमपुर खीरी की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए मासूम बच्चियों की सुरक्षा के प्रति कड़ा संदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश नूरी अंसार ने बुधवार को आरोपी शरीफ पुत्र नत्था को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला थाना निघासन के ग्राम पढुआ का है, जहां 2 फरवरी 2016 को 14 वर्षीय पीड़िता चारा लेने गई थी और वहां आरोपी ने उसे अकेला पाकर जबरन पकड़ लिया और अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर उसने पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना निघासन में 6 फरवरी 2016 को मुकदमा अपराध संख्या 38/2016 पंजीकृत किया गया था। विवेचक संजीव वर्मा ने गवाहों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 354B, 323, 506, और 3/4 पॉक्सो एक्ट में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
विशेष लोक अभियोजक बृजेश कुमार पांडे ने अदालत में प्रभावी पैरवी करते हुए पीड़िता, उसके पिता और अन्य गवाहों की गवाही करवाई। सात दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और कड़ी सजा सुनाई।











