नई दिल्ली, 24 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार शाम 5 बजे संसदीय सौंध में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी दलों के सदन के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव और घरेलू गैस (एलपीजी) आपूर्ति व अस्थिर बाजार स्थितियों पर चर्चा करना है।
हालांकि विपक्ष के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के इस बैठक में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार केरल जाएंगे। विपक्ष ने इससे पहले सरकार के रुख की आलोचना करते हुए जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। मंगलवार को राहुल गांधी और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पश्चिम एशिया संघर्ष से निपटने के तरीकों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
राज्यसभा में सांसद जॉन ब्रिटास ने 2003 में पेश किए गए संसदीय प्रस्ताव का हवाला दिया, जिसमें इराक युद्ध की निंदा की गई थी और सरकार से ईरान के मामले में भी इसी तरह का रुख अपनाने का अनुरोध किया।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में देश की ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष के व्यापक प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने सभी राज्यों से मिलकर काम करने की अपील की और कहा कि ऐसे कठिन समय में संसद का उच्च सदन शांति और संवाद का संदेश देने में भूमिका निभाए। इससे पहले लोकसभा में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सरकार के उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी।










