कैनबरा, 23 मार्च।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह उन डेटा सेंटर्स के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज करेगी, जो पानी का सतत उपयोग करते हैं और नेशनल क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन का समर्थन करते हैं।
उद्योग, नवाचार और विज्ञान मंत्री टिम आयर्स ने कहा कि नया फ्रेमवर्क डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को स्पष्ट और समान दिशा देगा, जिससे ऑस्ट्रेलिया में निवेश करना अधिक आसान और पारदर्शी होगा।
आयर्स ने जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन और विज्ञान, तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था के सहायक मंत्री एंड्रयू चार्लटन के साथ साझा बयान में बताया कि डेटा सेंटर के विकास में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की प्राथमिकता रखी जानी चाहिए। क्रिस बोवेन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बन चुका है, और देश के नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन—धूप और हवा—पहले ही ग्रिड पर 51 फीसदी रिन्यूएबल एनर्जी सुनिश्चित करने में मदद कर चुके हैं।
नए फ्रेमवर्क के अंतर्गत डेटा सेंटर परियोजनाएं ऊर्जा संक्रमण का समर्थन करेंगी, पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करेंगी, स्थानीय कौशल और रोजगार को बढ़ावा देंगी और ऑस्ट्रेलिया की शोध क्षमता को मजबूत करेंगी। इन्हें योजना और अप्रूवल प्रक्रिया के जरिए तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
आयर्स ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया व्यवसाय के लिए खुला है, लेकिन केवल उन व्यवसायों के लिए जो देश के हित को सर्वोपरि रखते हैं।” ऑस्ट्रेलियन एनर्जी मार्केट ऑपरेटर के अनुसार, डेटा सेंटर 2030 तक ग्रिड की बिजली का लगभग 6 फीसदी और 2050 तक 12 फीसदी उपयोग करेंगे, जो 2024-25 में मात्र 2 फीसदी था।
फ्रेमवर्क में यह भी कहा गया है कि डेटा सेंटर नई और अतिरिक्त क्लीन एनर्जी जेनरेशन या स्टोरेज सुनिश्चित करेंगे, उद्योग में श्रेष्ठ एफिशिएंसी उपाय अपनाएंगे और ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लागत में योगदान देंगे। बोवेन ने बताया कि इन कदमों से उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा की कीमतें स्थिर और कम बनी रहेंगी।











