नई दिल्ली, 02 अप्रैल।
संसद ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। लोकसभा ने गुरुवार को इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी, जबकि राज्यसभा पहले ही इस विधेयक को स्वीकृति दे चुकी थी। इस विधेयक के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में महानिरीक्षक स्तर के 50 प्रतिशत पद प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे, वहीं अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के कम से कम 67 प्रतिशत पदों पर भी प्रतिनियुक्ति लागू होगी। इसके अलावा विशेष महानिदेशक और महानिदेशक स्तर के सभी पद केवल प्रतिनियुक्ति से ही भरे जाएंगे।
विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को जानकारी दी कि अब लोकसभा की अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा की जाएगी।
इसी दौरान संसद ने जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी प्रदान कर दी। राज्यसभा ने गुरुवार को इस विधेयक को पारित किया, जबकि लोकसभा इसे एक दिन पहले ही स्वीकृति दे चुकी थी। इस कानून के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों में संशोधन करते हुए छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने और नियमों को सरल करने का प्रयास किया गया है, जिससे जीवन और व्यापार करने में सुगमता बढ़ाई जा सके।
विधेयक पर चर्चा के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह कानून छोटे-छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर लोगों के जीवन को आसान बनाएगा और व्यापारिक माहौल को बेहतर करेगा। वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को जल्दबाजी में पेश किया। चर्चा में कई अन्य दलों के सदस्यों ने भी भाग लिया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी संसद ने पारित कर दिया है। राज्यसभा ने इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी, जबकि लोकसभा पहले ही इसे पारित कर चुकी थी। इस विधेयक के तहत अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी के रूप में वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है।












