कोलकाता, 03 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल के नवान्न सचिवालय में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से गुरुवार को जारी अधिसूचना के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
राज्यपाल के निर्देशानुसार अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे ने अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव पूरी तरह से प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि सरकारी कामकाज में गति और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
निर्देशानुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नए विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद के साथ अतिरिक्त दायित्व भी दिए गए हैं।
तीन महत्वपूर्ण मंडलों में नए मंडलायुक्त नियुक्त किए गए हैं। बर्धमान मंडल के लिए 2002 बैच के अवनींद्र सिंह को जिम्मेदारी दी गई है, जो इससे पहले श्रम विभाग के सचिव थे। जलपाईगुड़ी मंडल का प्रभार 1993 बैच के अनुप कुमार अग्रवाल को सौंपा गया है, जो तकनीकी शिक्षा विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थे। प्रेसिडेंसी मंडल के मंडलायुक्त के रूप में 1997 बैच के सुरेंद्र गुप्ता को नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि जिला स्तर पर कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए इन अनुभवी अधिकारियों को मंडल स्तर की जिम्मेदारी दी गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव नारायणस्वरूप निगम को जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 1998 बैच के यह अधिकारी अपने मौजूदा दायित्वों के साथ नई जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
शिक्षा क्षेत्र में 1996 बैच के विनोद कुमार को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और पुस्तकालय विभाग के साथ तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अग्निशमन विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव खलील अहमद को नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव ओमकार सिंह मीणा को खाद्य प्रसंस्करण और उद्यान विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। परिवहन विभाग के सचिव सौमित्र मोहन को श्रम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव जनहित और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। नवान्न के अधिकारियों का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन इससे विभागों के बीच समन्वय और कार्य की गति में सुधार आने की संभावना है। संबंधित अधिकारियों को तुरंत नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।











