भुवनेश्वर, 03 अप्रैल।
ओडिशा आबकारी विभाग ने शराब वितरण प्रणाली में सुधार और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से नई नीति लागू की है। अब 180 एमएल तक की शराब टेट्रा पैक में उपलब्ध होगी, जो पारंपरिक कांच की बोतलों की जगह लेगी और छह सुरक्षा परतों के साथ तैयार होगी, ताकि लीकेज, संदूषण और छेड़छाड़ को रोका जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए है, बल्कि कांच की बोतलों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को भी कम करेगा। नई नीति के तहत टेट्रा पैक निर्माण करने वाले निर्माताओं के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग या सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट से प्रमाणन लेना अनिवार्य होगा।
सरकार ने पुरी बीच पर शराब की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया है ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता बनी रहे। वहीं, अन्य तटीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को रियायती दरों पर लाइसेंस देने की अनुमति दी गई है, जिसमें 50 प्रतिशत की छूट शामिल है।
ओटीडीसी को ईको-रिट्रीट और निर्धारित बीच क्षेत्रों में अस्थायी लाइसेंस के तहत शराब बेचने की सुविधा भी मिलेगी। ‘ऑन रेस्टोरेंट’ श्रेणी में इन आउटलेट्स के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क 75,000 रुपये निर्धारित किया गया है। ओटीडीसी स्वयं इन दुकानों का संचालन कर सकता है या किसी तीसरे पक्ष को सौंप सकता है, साथ ही बिजली, पानी और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी ओटीडीसी की होगी।
अधिकारियों ने कहा कि यह नई नीति पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, पर्यटन संवर्धन और शराब बिक्री नियंत्रण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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