भोपाल, 26 अक्टूबर।
भोपाल के भवानी चौक (पीर गेट) पर सोमवार दोपहर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के साथ कुछ युवकों ने झूमाझटकी की और उनके चेहरे पर स्याही पोत दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। तिवारी पर एक इंटरव्यू के दौरान अनुसूचित जाति के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने वीडियो जारी कर अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांगी थी।
घटना के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि हमला करने वाले युवकों ने खुद को अनुसूचित जाति का बताया। उन्होंने कहा कि वह सनातन धर्म के लिए काम करते रहेंगे और किसी धमकी से पीछे नहीं हटेंगे। तिवारी ने हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही और बताया कि वह समर्थकों के साथ कोतवाली थाने जा रहे हैं।
तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म के लिए उनका काम जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि गर्दन काटने की धमकी मिलने के बावजूद वह पीछे नहीं हटेंगे और हिंदू समाज के साथ बने रहेंगे।
घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में आरोप लगाया गया कि झांकियों के दौरान सख्ती और डीजे पर पाबंदी के पीछे तिवारी की पुलिस के साथ कथित मिलीभगत थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में बज रहे डीजे को बंद कराने की कार्रवाई को लेकर भी तिवारी विवादों में आए थे। उस समय उनकी पुलिसकर्मियों से बहस हुई थी। मंगलवारा थाना प्रभारी अजय सोनी से भी उनकी नोक-झोंक हुई थी। उस घटनाक्रम के बाद डीजे पर कार्रवाई और पुलिस की भूमिका को लेकर विवाद चर्चा में रहा था।













