भोपाल, 26 अक्टूबर।
मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के कारण उड़ानें रद्द होने से उमराह के लिए सऊदी अरब गए भारतीय यात्रियों की वापसी प्रभावित हुई है। इनमें मध्य प्रदेश के 300 से अधिक और भोपाल-इंदौर के 120 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, करीब चार हजार भारतीय यात्रियों की वापसी पर असर पड़ा है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है।
रोजाना बढ़ रहा खर्च
अब्बास हफीज के अनुसार, उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन पर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति चार से पांच हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल हेल्पलाइन जारी करने और वीजा की अवधि बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यात्रियों की वापसी के लिए विमानन कंपनियों के साथ समन्वय कर वैकल्पिक उड़ानों या विशेष विमानों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
परिवार के 11 सदस्यों के साथ मदीना में फंसे अनस
भोपाल के खानू गांव निवासी अनस खान अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ मदीना में हैं। उनकी 29 अक्टूबर को भारत लौटने वाली उड़ान रद्द हो गई है। अब परिवार किसी दूसरे देश के रास्ते भारत पहुंचने का विकल्प तलाश रहा है। इस व्यवस्था के लिए पुराने टिकट के अतिरिक्त करीब 20 से 22 हजार रुपये खर्च होने की आशंका है।
कई उड़ानें निर्धारित तारीख तक रद्द
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रद्द की हैं। निर्धारित शर्तों के तहत पात्र यात्रियों को टिकट का पूरा पैसा वापस लेने या दोबारा बुकिंग कराने की सुविधा दी गई है।
यात्रा संचालकों के अनुसार, वैकल्पिक उड़ानों के टिकट महंगे होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के साथ यात्रा कारोबारियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।













