जौनपुर, 03 अप्रैल 2026।
जौनपुर में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह तक तेज धूप खिली रही, लेकिन दोपहर में आसमान में काले बादल छा गए और शहर व जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। धूल भरी आंधी के कारण सड़क यातायात प्रभावित रहा और लोग सड़कों किनारे खड़े होकर मौसम के शांत होने का इंतजार करते नजर आए। यह बदलाव आमजन को थोड़ी राहत तो दे गया, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अचानक बढ़ी नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश तेज होती है या ओलावृष्टि होती है, तो खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, चना और अरहर की फसल को नुकसान हो सकता है।

कृषि वैज्ञानिक सुरेश कन्नौजिया ने किसानों को चेतावनी दी कि ऐसे मौसम में फसलों में फफूंद जनित रोग फाइटॉफ्थोरा का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। साथ ही खलिहानों में रखी फसलें भी सुरक्षित नहीं हैं। सरसों, मटर, अगेती चना और मसूर जैसी फसलें खुले में मड़ाई के लिए रखी गई हैं, जिनके भीगने से उनकी गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
बरसठी के किसान रमेश चंद्र और नेवढ़िया के उमाशंकर तिवारी ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदला मौसम उनकी चिंता बढ़ा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। फिलहाल मौसम के इस बदलाव ने किसानों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है।











