नई दिल्ली, 27 मई ।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और लू की स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मौजूदा परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई इस बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक मंत्रालय और विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में गर्मी और लू से राहत देने के लिए आवश्यक कदम तत्काल प्रभाव से उठाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि इस प्रकार की गंभीर मौसमी स्थिति में पूरे देश की भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता और राहत मिल सके। विशेष रूप से स्वास्थ्य, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों को अपने स्तर पर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि गर्मी और लू से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने जैसे कदमों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आम नागरिकों से भी सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की गई।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पर्याप्त मात्रा में जल सेवन करने, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने तथा जरूरतमंदों को पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, जिससे लू के प्रभाव को कम किया जा सके।









