नई दिल्ली, 27 मई ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत राशन परिवहन और हैंडलिंग-आय में स्वचालन के लिए सहायता योजना ‘सार्थक पीडीएस’ को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार की हिस्सेदारी के रूप में कुल 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान तय किया गया है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार यह योजना राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न की अंतरराज्यीय आवाजाही, हैंडलिंग खर्च तथा एफपीएस डीलरों के मार्जिन को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही केंद्रीय सहायता के मानदंडों को संशोधित करते हुए मौजूदा फंडिंग पैटर्न को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
इस योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए एक अम्ब्रेला योजना के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें एनएफएसए के तहत खाद्यान्न वितरण प्रणाली, अंतरराज्यीय आवागमन सहायता तथा स्मार्ट पीडीएस जैसी डिजिटल सुधार योजनाओं को एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है।
‘सार्थक पीडीएस’ का मुख्य लक्ष्य एक ऐसी एकीकृत, नागरिक-केंद्रित और अंतर-संचालनीय प्रणाली विकसित करना है, जो खाद्यान्न की अंतिम छोर तक सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करे, लीकेज को कम करे और पारदर्शिता को बढ़ाए। यह योजना 31 मार्च, 2031 तक लागू रहेगी।
योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पीडीएस प्रणाली को अधिक स्मार्ट और कुशल बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, राज्य स्तरीय कमांड सेंटर और मानकीकृत डिजिटल ढांचे विकसित किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक खाद्य सुरक्षा को और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। यह योजना टीपीडीएस के कंप्यूटरीकरण, एकीकृत प्रबंधन प्रणाली और स्मार्ट पीडीएस जैसी पूर्ववर्ती डिजिटल पहलों को और मजबूत करेगी, जिससे राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बन सके।








