भोपाल, 27 मई।
राजधानी के सांस्कृतिक केंद्र में आज से 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव 'सदानीरा समागम' का भव्य शुभारंभ हो रहा है। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में जल संरक्षण, भारतीय दर्शन और सतत विकास जैसे विषयों पर देश-विदेश के पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और कलाकार मंथन करेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार, यह संगोष्ठी भारतीय दर्शन के पंचमहाभूतों—जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि—के महत्व को रेखांकित करेगी। इस सात दिवसीय समागम में भूगर्भीय जल स्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा और पारंपरिक ज्ञान के समावेश पर वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देश के प्रतिष्ठित शोध संस्थानों और वैज्ञानिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।
इस आयोजन की विशेषता वैचारिक मंथन के साथ-साथ प्रतिदिन होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हैं। शाम के समय लोकगायन, नृत्य-नाटिकाएं और रंगमंच के माध्यम से जल के महत्व को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, आयोजन स्थल पर जल संरक्षण एवं जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने वाली विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। इस दौरान जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जो शोधकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों के लिए ज्ञान का नया स्रोत सिद्ध होंगी।
यह आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासन के सामूहिक सहयोग से संपन्न हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण की दिशा में एक जन-आंदोलन खड़ा करना है। यह समागम आगामी 2 जून तक जारी रहेगा।














