भोपाल, 26 मई।
मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। मंगलवार को जांच दल ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पहुँचकर उनसे विस्तृत पूछताछ की।
दिल्ली से आए अधिकारियों ने मामले की कड़ियां जोड़ने हेतु कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जांचकर्ताओं ने गिरिबाला सिंह से विवाह उपरांत उपजे विवादों, ट्विशा के उनके परिवार के साथ संबंधों और संपूर्ण घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। तत्पश्चात, टीम ने थ्री ईएमई सेंटर जाकर परिजनों से तथ्य जुटाए और पुलिस आयुक्त संजय कुमार से भेंट कर प्रकरण की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जांच दल ने पूर्व में गठित एसआईटी से केस डायरी मांगी थी, जो अपूर्ण होने के कारण वापस लौटाई गई। तत्पश्चात एसआईटी ने आवश्यक सूचनाएं संलग्न कर डायरी सौंप दी।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर को पुनः पंजीकृत कर ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। यह कार्रवाई 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग और दहेज मृत्यु के आरोपों के आधार पर की गई है। जिला न्यायालय में ट्विशा के कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के आवेदनों पर भी सुनवाई हुई, जहाँ एसआईटी ने बताया कि सिम कंपनियों को पत्र प्रेषित कर दिए गए हैं। जिमनास्टिक बेल्ट के संबंध में उठे सवालों पर पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसे जब्त कर परीक्षण हेतु सागर की फोरेंसिक लैब भेजा गया था। एसआईटी द्वारा समर्थ सिंह से की गई पूछताछ में ट्विशा के तनावग्रस्त होने और पूर्व में सात लाख रुपये देने जैसे दावे सामने आए हैं। 12 मई की रात घटी इस घटना में विलंब से सूचना देने और साक्ष्य प्रभावित करने के आरोपों की भी गहन समीक्षा की जा रही है।














