भोपाल, 25 मई।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजा भोज और गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने को देश की सांस्कृतिक पहचान और मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि राजा भोज और महारानी कमलापति भोपाल की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक अस्मिता के मजबूत स्तंभ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के तहत देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को सम्मान दे रहा है और यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिंधिया ने कहा कि स्मारक डाक टिकट केवल औपचारिक सम्मान नहीं होते, बल्कि यह राष्ट्र की सामूहिक स्मृति को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ने का माध्यम भी हैं। इनके माध्यम से समाज में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान के प्रति जागरूकता और मजबूत होगी।
गौरतलब है कि संचार मंत्रालय ने राजा भोज और महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने को मंजूरी दी है, जिसे लेकर भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भी विशेष आग्रह किया था।
राजा भोज को शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, स्थापत्य कला और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है, जबकि महारानी कमलापति को साहस और जनसेवा के लिए स्मरण किया जाता है।
इसी दौरान सिंधिया ने कैलाश चंद्र पंत और डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री सम्मान मिलने पर भी बधाई दी और कहा कि उनका योगदान देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को मजबूत करता है।















