उज्जैन, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के विश्वविख्यात महाकालेश्वर मंदिर में बीते सोमवार की भोर में जाने-माने फिल्मकार मधुर भंडारकर ने पहुंचकर बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती में हिस्सा लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने इस अलौकिक आरती के दर्शन किए तथा नंदी महाराज के समीप जाकर अपनी मनोकामना भी व्यक्त की।
निर्देशक मधुर भंडारकर सोमवार की तड़के लगभग तीन बजे इंदौर से सीधे उज्जैन पधारे थे। भस्म आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने चांदी द्वार से जल अर्पित किया, जिसके उपरांत मंदिर प्रबंध समिति की तरफ से उनका पारंपरिक स्वागत करते हुए प्रसाद व सम्मान चिह्न भेंट किया गया।
मीडिया से बातचीत करते हुए मधुर भंडारकर ने साझा किया कि उन्हें हर वर्ष महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य मिलता है, जिससे उन्हें असीम आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के उत्साह की भी सराहना की।
उधर, आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी के पावन अवसर पर सोमवार तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही महाकाल की दैनिक पूजा परंपरा आरंभ हुई। गर्भगृह में मौजूद सभी देवी-देवताओं के विधिवत अर्चन के बाद भगवान का पंचामृत अभिषेक कराया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्यान लगाया गया।
कपूर आरती के पश्चात भगवान महाकाल का विशेष जटाधारी स्वरूप में शृंगार किया गया, जिसमें रजत चंद्र, त्रिपुंड, भांग व चंदन का लेप लगाया गया। इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़े की परंपरा के अनुरूप भस्म अर्पित की गई, जिसके बाद राजसी स्वरूप में महाआरती संपन्न हुई।














