नई दिल्ली, 27 जुलाई।
संसद परिसर के मकर द्वार के बाहर आज सुबह विपक्ष के सांसदों ने बीते 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह से जवाब तलब करते हुए जोरदार हंगामा किया। इस विरोध प्रदर्शन की कमान कांग्रेस की प्रमुख नेता प्रियंका गांधी ने संभाली, जिनके साथ अन्य सांसदों ने भी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं का कहना था कि छात्रों पर बरसी लाठियों के लिए सीधे तौर पर गृहमंत्री उत्तरदायी हैं और इस विषय को संसद के भीतर आक्रामक रूप से उठाया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय कक्ष में इंडी गठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस विचार-विमर्श में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रमोद तिवारी, सैयद नसीर हुसैन, केसी वेणुगोपाल, गौरव गोगोई और जयराम रमेश समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में यह पुख्ता रणनीति बनाई गई कि संसद के अंदर और बाहर दोनों मोर्चों पर छात्रों के इस गंभीर मुद्दे को लगातार उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि गत 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों द्वारा एक संसद मार्च निकाला गया था, जिस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया, आंसू गैस छोड़ी और कथित रूप से पैलेट गन का इस्तेमाल भी किया। इस हिंसक झड़प में एक सौ से अधिक छात्र और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिसके बाद से पूरा विपक्ष लगातार छात्रों के समर्थन में लामबंद होकर सरकार पर नैतिक दबाव बना रहा है।














