नई दिल्ली, 27 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है, जिसकी कमान प्रसिद्ध तकनीक विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है। एक विशेष वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति प्रणाली की साख और पारदर्शिता को पुख्ता करने के वास्ते अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स में देश के कई जाने-माने विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनमें पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ और आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी कामakoti जैसे दिग्गज शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीना को भी इस महत्वपूर्ण समिति का सदस्य बनाया गया है।
प्रधानमंत्री ने आगे जानकारी दी कि सरकार परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने और पूरी प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए संसद में एक नया और कड़ा कानून भी पेश करने जा रही है। उनका यह कदम देश के करोड़ों छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करने और परीक्षाओं की पवित्रता को हर हाल में अक्षुण्ण बनाए रखने के संकल्प को पूरी तरह दर्शाता है।















