नई दिल्ली, 27 मई ।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर राज्य की जनता, मुख्यमंत्री और विधायकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थापना के समय से ही यूसीसी पार्टी का एक प्रमुख संकल्प रहा है और यह देश में समानता के सिद्धांत को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा शासित राज्य सरकारें सभी नागरिकों के लिए समान कानून व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब असम ने भी यूसीसी विधेयक पारित कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और विधेयक का समर्थन करने वाले सभी विधायकों को बधाई दी।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार देशभर में कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत को स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह कदम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उल्लेखनीय है कि असम विधानसभा में लंबी और तीखी बहस के बाद यह यूसीसी विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। इसके लागू होने के बाद असम देश का तीसरा और पूर्वोत्तर भारत का पहला राज्य बन जाएगा जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी।
विधेयक में बहुविवाह पर प्रतिबंध, विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण तथा लिव-इन संबंधों के पंजीकरण जैसे प्रावधान शामिल हैं। हालांकि अनुसूचित जनजाति समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
विधानसभा में बहस के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह कानून धार्मिक और व्यक्तिगत परंपराओं में हस्तक्षेप करता है, जबकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि यह कानून सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।









