बेंगलुरु, 27 मई ।
कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, करीबी विधायकों और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नाश्ते पर आमंत्रित किया है। इस बैठक को लेकर राज्य की सियासत में हलचल बढ़ गई है और सत्ता परिवर्तन की अटकलों ने फिर जोर पकड़ लिया है।
बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर विधानसौधा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नेतृत्व परिवर्तन और दिल्ली दौरे को लेकर पूछे गए सवालों पर स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने मीडिया से केवल इतना कहा कि “कल बात करूंगा, जो भी कहना है कल ही कहूंगा” और कार्यक्रम से रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री की ओर से गुरुवार को आयोजित नाश्ता बैठक में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों, करीबी विधायकों और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बुलाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है और इसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर किसी बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘कावेरी’ में बुधवार को पूरे दिन राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कई मंत्री और विधायक उनसे मुलाकात करने पहुंचे और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इससे सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं को और बल मिला है।
उधर, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला का बेंगलुरु में मौजूद रहना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।




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