भोपाल, 27 मई ।
राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशाशर्मा दहेज मृत्यु प्रकरण में आरोपी पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को लंबी सुनवाई हुई, जिसके बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।
न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने लगभग पौने तीन घंटे तक सभी पक्षों की दलीलें सुनीं, जिसमें राज्य सरकार और मृतका के पिता की ओर से दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि आरोपी अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन नहीं कर रही हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं।
सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि पुलिस द्वारा 13 मई से 23 मई के बीच कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया और बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजनी पड़ी, साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपी का रवैया जांच के दौरान टालमटोल वाला रहा।
सुनवाई में यह तर्क भी दिया गया कि गंभीर एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद अग्रिम जमानत मिलना असामान्य स्थिति थी, जबकि जांच प्रारंभिक चरण में थी, और यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने जांच में सहयोग करने के बजाय मीडिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
राज्य पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मृतका के चरित्र पर सवाल उठाए गए तथा यह आशंका जताई गई कि जमानत की स्थिति में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना बनी रह सकती है।
सीबीआई ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए जमानत निरस्त करने की अनुमति मांगी और कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान कुछ संदिग्ध उपस्थिति दर्ज की गई, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, साथ ही आरोपितों से प्रभावी पूछताछ के लिए अभिरक्षा आवश्यक बताई गई।
वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि ट्विशामानसिक तनाव से गुजर रही थी और उसे चिकित्सकीय दवाएं दी गई थीं, साथ ही यह भी कहा गया कि उनके पास अलग रहन-सहन की व्यवस्था थी और वित्तीय सहायता भी दी गई थी तथा सास पर प्रताड़ना के आरोप नहीं लगाए गए थे।
इसी मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है और एजेंसी द्वारा घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन भी कराया गया है, जबकि जांच में डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को जोड़ा जा रहा है।
सुनवाई के दौरान सुसाइड नोट न मिलने का मुद्दा भी उठा और इसे संदेह पैदा करने वाला पहलू बताया गया, वहीं यह भी कहा गया कि अब तक सामने आए तथ्यों में कई प्रश्न अनसुलझे हैं।
गौरतलब है कि 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में ट्विशाशर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे लेकर दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए गए हैं तथा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।









