कोलकाता, 31 मार्च।
इंडियन नेवी को प्रोजेक्ट 17A के तहत एक नया स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'दुनागिरी' मिला है, जो गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा कोलकाता में निर्मित किया गया है। यह वॉरशिप 30 मार्च को नेवी को सौंपा गया और यह नीलगिरी-क्लास का पांचवां जहाज है, जो GRSE में तैयार हुआ है। यह वॉरशिप इंडियन नेवी के अगले पीढ़ी के मल्टी-मिशन फ्रिगेट्स की श्रृंखला का हिस्सा है।
नए 'दुनागिरी' को पिछले INS दुनागिरी के नाम पर अपग्रेड किया गया है, जो 1977 से 2010 तक सेवा में था। नए जहाज में स्टील्थ तकनीक, फायरपावर, ऑटोमेशन और सर्वाइवेबिलिटी के कई सुधार किए गए हैं। नेवी के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किए गए इस जहाज में कई उन्नत क्षमताएँ जोड़ी गई हैं, और यह पहले के शिवालिक-क्लास जहाजों से बेहतर है।
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प्रोजेक्ट 17A के तहत बनने वाले इन जहाजों में ब्रह्मोस सरफेस-टू-सरफेस मिसाइल, MFSTAR रडार, MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम जैसे एडवांस्ड वेपन और सेंसर सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा, इसमें 76 मिमी गन, क्लोज-इन वेपन सिस्टम, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमता और रॉकेट और टॉरपीडो जैसे विशेष हथियार भी हैं। इन जहाजों में कंबाइंड डीज़ल और गैस (CODOG) प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
वर्तमान में, 'दुनागिरी' की डिलीवरी प्रोजेक्ट 17A के तहत पांचवीं बार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज की कंस्ट्रक्शन समयावधि को घटाकर 80 महीने कर दिया गया है, जबकि पहले के लीड शिप के लिए यह समय 93 महीने था। इस प्रोजेक्ट में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और इसमें 200 से ज्यादा MSME शामिल हैं।


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