रायपुर, 30 मार्च।
छत्तीसगढ़ में रसोई गैस पाइपलाइन परियोजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने खाद्य विभाग के माध्यम से एक ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे पाइपलाइन बिछाने की सभी बाधाओं को दूर किया जा सकेगा और प्रक्रिया तेज होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी कलेक्टरों और संबंधित निकायों को यह सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए हैं कि केंद्र सरकार के 24 मार्च 2026 के ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश’ का पालन पूरी तरह से किया जाए।
राज्य सरकार ने लंबे समय से आ रही प्रशासनिक रुकावटों को समाप्त करने के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स और जिलास्तरीय समितियों का गठन करने का निर्णय लिया है। रायपुर, गरियाबंद और बलौदाबाजार में सिटी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन पहले ही फरवरी-मार्च 2026 में किया जा चुका है।
रायपुर में रसोई गैस पाइपलाइन परियोजना अब मुख्य क्रियान्वयन चरण में है। पहले कनेक्शन पूनम चौबे के घर दिया गया, जो घर-घर गैस आपूर्ति की शुरुआत का प्रतीक है। रायपुर में लगभग एक लाख घरों को पाइपलाइन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए शहर में लगभग 800 किलोमीटर लंबी स्टील और एमडीपीई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। गेल गैस, अडानी गैस और हरियाणा सिटी गैस प्रमुख सेवा प्रदाता हैं।
सरगुजा जिले से नागपुर तक बिछने वाली मुख्य गैस पाइपलाइन के जरिए छत्तीसगढ़ के कुल 13 जिलों को जोड़ा जाएगा। बिलासपुर में लगभग 26 किलोमीटर स्टील पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जबकि कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पाइपलाइन नेटवर्क एवं सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। दुर्ग जिले में पाइपलाइन बिछाने का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है।
नए निर्देशों के अनुसार, जहाँ पाइपलाइन उपलब्ध है वहां 3 महीने के भीतर कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा एलपीजी कोटा बंद किया जा सकता है। अनुमतियों के त्वरित निराकरण के लिए हर सप्ताह टास्क फोर्स की बैठक होगी और कलेक्टर हर माह प्रगति रिपोर्ट खाद्य विभाग को भेजेंगे। पाइपलाइन गैस के उपयोग के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।











