जेनिका, 01 अप्रैल।
चार बार की विश्व चैंपियन इटली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फिर से फीफा वर्ल्ड कप में क्वालीफाई नहीं कर पाई। यूरोपीय प्लेऑफ मुकाबले में इटली को 66वें रैंकिंग वाले बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा।
मैच की शुरुआत में मोइज़ कीन ने गोल कर इटली को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ में सेंटर-बैक अलेसांद्रो बास्तोनी को लाल कार्ड मिलने के कारण टीम 10 खिलाड़ियों तक सीमित हो गई। इस अवसर का फायदा उठाते हुए बोस्निया के सब्स्टीट्यूट हारिस तबाकोविक ने 79वें मिनट में बराबरी का गोल किया, जिससे मुकाबला अतिरिक्त समय में चला गया।
अतिरिक्त समय में भी निर्णायक गोल नहीं हुआ और खेल पेनल्टी शूटआउट तक गया। इसमें इटली को हार का सामना करना पड़ा और टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप में जगह बनाने से चूक गई। इससे पहले इटली को पिछले दो क्वालीफायर प्लेऑफ में स्वीडन और नॉर्थ मैसिडोनिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
1934, 1938, 1982 और 2006 में विश्व खिताब जीत चुकी इटली अब कम से कम अगले 16 साल तक वर्ल्ड कप में मैच खेले बिना रह सकती है। टीम का कमजोर प्रदर्शन 2010 और 2014 वर्ल्ड कप से शुरू हुआ था, जब यह ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी थी। हालांकि 2021 में यूरोपीय चैम्पियनशिप जीतकर टीम ने थोड़ी वापसी जरूर दिखाई थी।
इटली का आखिरी वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच 2006 में फाइनल में फ्रांस को हराकर था। 1958 के बाद यह पहली बार है जब टीम इतनी बार वर्ल्ड कप क्वालीफाई करने में नाकाम रही, जिससे टीम की क्षमता और प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।












