नई दिल्ली, 02 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून 2026 तक पूरी कस्टम ड्यूटी छूट देने का अहम फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
मंत्रालय ने कहा कि यह कदम अस्थायी और लक्षित राहत के तौर पर उठाया गया है, ताकि देश में जरूरी पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहे, डाउनस्ट्रीम उद्योगों पर लागत का दबाव कम हो और सप्लाई स्थिर बनी रहे।
सरकार के अनुसार इस फैसले से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल, केमिकल, ऑटो कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है।
छूट वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों में एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, मेथनॉल, आइसोप्रोपिल अल्कोहल, मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (एमईजी), फिनोल, एसिटिक एसिड, विनाइल एसीटेट मोनोमर, प्योरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (पीटीए), अमोनियम नाइट्रेट, एथिलीन के पॉलिमर, एपॉक्सी रेजिन, फॉर्मेल्डिहाइड, यूरिया फॉर्मेल्डिहाइड, मेलामाइन फॉर्मेल्डिहाइड और फिनोल फॉर्मेल्डिहाइड शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार ने पिछले महीने आरओडीटीईपी योजना के तहत सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए दरें और वैल्यू कैप बहाल करने का भी निर्णय लिया था, ताकि बढ़ती माल ढुलाई लागत और युद्ध से जुड़े व्यापारिक जोखिमों के बीच भारतीय निर्यातकों को समय पर राहत मिल सके।
सरकार ने भरोसा जताया कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, एलपीजी और एलएनजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे अल्पकालिक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। साथ ही देश विभिन्न वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से ऊर्जा की आपूर्ति बनाए हुए है।


.jpg)









