कुवैत सिटी, 30 मार्च 2026।
ईरान की ओर से कुवैत के बिजली और पानी के डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया गया, जिसमें एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि यह हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुआ।
कुवैत के बिजली मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी हमले से प्लांट की सर्विस बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हुई है और तुरंत तकनीकी एवं आपातकालीन टीमों को स्थिति संभालने के लिए भेजा गया। हमले के कारण कार्य प्रभावित हुए लेकिन अधिकारियों ने कहा कि कामकाज को जल्द ही सामान्य करने का प्रयास जारी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुवैत के हवाई क्षेत्र में 14 मिसाइलें और 12 ड्रोन देखे गए थे, जिनमें से कई ड्रोन एक सैन्य शिविर पर हमला करने की कोशिश में थे। इस घटना में 10 सैनिक घायल हुए।
पिछले माह से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध तेज होता जा रहा है। ईरानी संसद के स्पीकर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर किसी तरह का जमीनी हमला किया गया तो उनके सहयोगियों पर हमले तेज किए जाएंगे।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा पट्टी का दायरा बढ़ाया जाएगा। इस दौरान अमेरिकी मूल के इजराइली सैनिक सार्जेंट मोशे यित्ज़ाक हाकोहेन काट्ज़ लड़ाई में मारे गए।
डिसेलिनेशन प्लांट का कार्य समुद्र के खारे पानी से नमक और अन्य खनिजों को अलग कर पीने योग्य पानी तैयार करना है। इसका औद्योगिक उपयोग भी किया जाता है और यह अक्सर पावर प्लांट के साथ जुड़ा होता है क्योंकि यह प्रक्रिया ऊर्जा-गहन होती है।












