25 मार्च 2026।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष में स्थिति और गंभीर हो गई है और खाड़ी क्षेत्र समेत पूरे मध्य-पूर्व में तनाव की लपटें फैल रही हैं।
ईरान में हुई बमबारी में एक स्कूल पूरी तरह से नष्ट हो गया और राजधानी के पूरब में रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। इजराइल में मध्य क्षेत्रों में सायरन बजने लगे हैं और नागरिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। लेबनान में रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार जारी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन गया है।
ईरान और हिजबुल्लाह ने इजराइल की राजधानी तेल अवीव और उत्तरी क्षेत्रों पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत और दर्जनभर घायल हुए हैं। इजराइली सेना ने इसके जवाब में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इराकी समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस ने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर 23 हमलों का दावा किया है।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले से फ्यूल टैंक में आग लगी, जबकि जॉर्डन के अमान के दक्षिण में मिसाइल के टुकड़े गिरे। सऊदी अरब ने पूर्वी प्रांत में एक बैलिस्टिक मिसाइल और छह ड्रोन को मार गिराया। इजराइल के उत्तर में कीर्यात श्मोना और आसपास के इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई।
अमेरिका ने पेंटागन के निर्देश पर 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पैराट्रूपर्स को मध्य-पूर्व भेजने का फैसला किया है। यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी चर्चाओं के बाद लिया गया। अमेरिकी नेतृत्व ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।











