भोपाल, 3 नवंबर।
मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण अगले तीन दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है। मंगलवार को जबलपुर सहित प्रदेश के 23 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 4 और 5 नवंबर को भी कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। हालांकि, 6 नवंबर को धनतेरस के दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, रीवा, सतना, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम शुष्क रहने तथा धूप निकलने का अनुमान है।
4 और 5 नवंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 6 नवंबर को मौसम साफ रहने की संभावना है। धनतेरस पर मौसम अनुकूल रहने से लोगों को त्योहार की खरीदारी के दौरान बारिश से राहत मिल सकती है।
तापमान सामान्य से नीचेप्रदेश में फिलहाल दिन और रात का तापमान सामान्य से कम बना हुआ है। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर और सागर संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 से 2.7 डिग्री कम दर्ज किया जा रहा है। भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल, रीवा और सागर संभाग में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.8 से 3 डिग्री नीचे है।
सोमवार रात शाजापुर के गिरवर में सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दमोह में न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री, भोपाल में 15 डिग्री, पचमढ़ी में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.6 डिग्री रहा। प्रदेश में दिन का तापमान फिलहाल करीब 32 डिग्री बना हुआ है।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंडमौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर तेज हो सकता है। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में ज्यादा गिरावट आने की संभावना है।
नवंबर में प्रदेश के कई शहरों में ठंड के पुराने रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। उज्जैन में 53 साल पहले पारा गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
नवंबर में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का सिलसिला भी रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तीसरे और चौथे सप्ताह में भी मौसम प्रणाली सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।















