21 मार्च, वाराणसी।
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन काशी में श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला, जहां यह दिन देवी चंद्रघंटा और सौभाग्य गौरी को समर्पित रहा। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु परंपरा के अनुसार इन मंदिरों में पहुंचे और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। भक्तों ने माता के समक्ष शीश झुकाकर जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य की कामना की। सुबह से ही मंदिरों में जयकारों की गूंज सुनाई देती रही और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
तड़के लगभग तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों की ओर आना शुरू हो गया था। मंदिर परिसर से लेकर आसपास की गलियों तक लंबी कतारें लगी रहीं, जिनमें खड़े होकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। चौक स्थित चित्रघंटा गली में मां चंद्रघंटा के दरबार में पूर्वाह्न तक बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालु नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर माता का आशीर्वाद लेते रहे और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते नजर आए। पूरे परिसर में "जय माता दी" और अन्य धार्मिक उद्घोष लगातार गूंजते रहे।
इस अवसर पर सुबह के समय मंदिरों में विशेष पूजन अनुष्ठान भी संपन्न हुआ। महंत की देखरेख में देवी विग्रह का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाकर विधिवत श्रृंगार किया गया। भोग लगाने के पश्चात मंगला आरती की गई और फिर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। पूरे दिन श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा और भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा।












