नई दिल्ली, 17 मार्च।
भारत ने 16 मार्च की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के ‘बर्बर’ हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। भारत का कहना है कि यह हिंसा का एक ‘कायरतापूर्ण और अमानवीय’ कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता, बावजूद इसके पाकिस्तान इसे सैन्य अभियान के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का यह हमला अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। यह कार्रवाई पाकिस्तान के लगातार लापरवाह और हिंसक व्यवहार को उजागर करती है, साथ ही अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के माध्यम से छिपाने के प्रयास को दर्शाती है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि हमला रमजान के पवित्र महीने में किया गया, जो इसे और भी निंदनीय बनाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मुस्लिम समुदायों के लिए रमजान शांति, चिंतन और दया का समय होता है, और किसी धर्म, कानून या नैतिकता के तहत किसी अस्पताल और मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस आपराधिक कृत्य के दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और अफगानिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी हमलों को तुरंत रोका जाए। भारत ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
साथ ही भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई और अफगानिस्तान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराया।
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष जारी है। पाकिस्तान अफगानिस्तान की सीमा के भीतर आतंकवादी ठिकानों का हवाला देते हुए सैन्य कार्रवाई कर रहा है। कल ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए हमले में कम से कम 400 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है।












