27 मार्च, नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी घटाने की घोषणा की। अब पेट्रोल पर यह शुल्क 3 रुपए और डीजल पर पूरी तरह शून्य हो गया है। इसका उद्देश्य अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों का प्रभाव सीमित करना है।
सरकार ने ईंधन के निर्यात और विदेशी विमानों को आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन पर भी एक्साइज ड्यूटी में छूट दी है। इसके साथ ही 2022 की पूर्व अधिसूचना को रद्द कर आयातित विमानन टरबाइन ईंधन पर राहत प्रदान की गई है।
आशा की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। वर्तमान में कंपनियों को ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है।
मध्य पूर्व में तनाव के बाद पिछले एक महीने में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है और यह वर्तमान में 101 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर है। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। नागरिकों से अपील की गई कि वे जानबूझकर चलाए जा रहे गलत प्रचार से प्रभावित न हों।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि भारत के पास कुल 74 दिनों का ईंधन भंडार है, जिसमें लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक मौजूद है। इसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और रणनीतिक गुफाओं में रखा स्टॉक शामिल है। मध्य पूर्व संकट का आज 27वां दिन है और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।


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