28 मार्च, नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों से अपील की है कि वे जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबरधन योजना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दें और पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस कनेक्शन का विस्तार तेज करें। उन्होंने घरेलू स्तर पर तेल और गैस की खोज में राज्यों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों और उप राज्यपालों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने राज्यों द्वारा सुझाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि ये सुझाव संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पीएम मोदी ने आगे कहा कि चुनौतियों का सामना सतर्कता, तैयारियों और समन्वित प्रयासों से ही किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के पास पहले से वैश्विक संकटों का सामना करने का अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के समय केंद्र और राज्यों के सहयोग का उदाहरण दिया, जब “टीम इंडिया” ने मिलकर आपूर्ति श्रृंखलाओं और व्यापार को प्रभावित होने से बचाया। उन्होंने कहा कि यही सहयोग और समन्वय वर्तमान परिस्थितियों से निपटने की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रधानमंत्री ने हालात लगातार बदल रहे हैं, इसलिए सतत निगरानी और उपयुक्त रणनीति बनाए रखना जरूरी है, कहा। उन्होंने बताया कि 3 मार्च से सक्रिय अंतर-मंत्रालयी समूह रोजाना हालात की समीक्षा कर निर्णय ले रहा है। सरकार की प्राथमिकता नागरिकों के हित, आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्यों के स्तर पर ही संभव है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच नियमित संवाद, समय पर जानकारी साझा करने और त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने, जिला और राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी करने और खरीफ मौसम के लिए पूर्व तैयारी करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने अफवाहों और गलत सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह देते हुए सही और विश्वसनीय जानकारी समय पर जनता तक पहुँचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और नकली एजेंटों से बचाव के लिए सतर्कता बनाए रखने की भी हिदायत दी।
प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष ध्यान देने, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों के लिए हेल्पलाइन सक्रिय की जाए, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाए और जिला स्तर पर सहायता तंत्र बनाए जाए।
प्रधानमंत्री ने उद्योग और एमएसएमई के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो और रोजगार तथा उत्पादन स्थिर रहें। उन्होंने मुख्य सचिव और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी को सुदृढ़ करने की बात कही, जिससे बदलती परिस्थितियों का त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की और भरोसा जताया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निरंतर बनी हुई है। उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती और वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया।












