अजमेर, 02 मई।
सुप्रसिद्ध वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने शनिवार को अजमेर के अजयमेरू प्रेस क्लब में “भारत में लोकतंत्र का भविष्य” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब और पीयूसीएल ने संयुक्त रूप से किया था। भूषण ने अपने संबोधन में देश में बढ़ते लोकतांत्रिक संकट पर गहरी चिंता जताई और कहा कि संविधानिक संस्थाएं जैसे संसद, न्यायपालिका और चुनाव आयोग, और साथ ही प्रेस जैसी संवैधानिक नहीं संस्थाएं भी, आज संकट का सामना कर रही हैं।
भूषण ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय लोकतंत्र का भविष्य सुरक्षित रहेगा यदि संविधानिक संस्थाएं स्वतंत्र, निष्पक्ष और मजबूत बनी रहें। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता, मीडिया की स्वतंत्रता, और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा पर आधारित है। उन्होंने युवा पीढ़ी को संविधान की मूल भावना समझने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भूषण ने नागरिकों को यह याद दिलाया कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के प्रति जवाबदेह होती हैं और यदि जनता अपनी आवाज उठाना बंद कर देती है तो लोकतंत्र कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने लोकतंत्र की शक्ति को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र मीडिया और मजबूत न्यायपालिका की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को निष्पक्ष बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पत्रकार, और शिक्षाविद उपस्थित थे। श्रोताओं ने लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थाओं के महत्व पर सवाल पूछे और चर्चा में भाग लिया।
इस अवसर पर पीयूसीएल के राज्य अध्यक्ष अनन्त भटनागर और प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष प्रताप सनकत ने कार्यक्रम का संचालन किया। भटनागर ने प्रशांत भूषण के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। अंत में महासचिव चन्द्रप्रकाश कटारिया ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. रमेश अग्रवाल ने विषय प्रवर्तन करते हुए आगंतुकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में पद्मश्री सीपी देवल, पूर्व जिला प्रमुख सत्य किशोर सक्सेना, पूर्व विधायक श्री गोपाल बाहेती, मनरेगा लोकपाल सुरेश सिंधी, और पीयूसीएल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कविता भटनागर सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुंजल ने प्रशांत भूषण का माल्यार्पण कर स्वागत किया।



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