कोलकाता, 02 मई।
पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव परिणामों के बीच पुनर्मतदान और पारदर्शिता पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को घेरते हुए चुनाव आयोग के फैसलों का समर्थन किया है।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी पहले ही चुनाव हार चुकी है और अब ड्रामा कर रही है। उनका कहना था कि टीएमसी कभी स्ट्रॉन्ग रूम में घुसने की कोशिश करती है, तो कभी अदालत का सहारा लेती है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी टीएमसी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हारने पर टीएमसी लगातार शिकायतें करती है, जबकि जीतने पर वह सभी मुद्दों को भूल जाती है। नकवी ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी बार-बार ईवीएम, स्ट्रॉन्ग रूम और चुनाव आयोग को लेकर आरोप लगाती है।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने पुनर्मतदान के विषय में बयान देते हुए कहा कि चुनाव करवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जहां गड़बड़ी पाई जाती है, वहां पुनर्मतदान कराना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
कोलकाता में भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ सीटों पर ईवीएम से छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। सिन्हा ने यह दावा किया कि ईवीएम पर गुप्त स्टिकर लगाए गए और कैमरों को घुमाया गया, ताकि वोट टीएमसी की ओर जाएं। उन्होंने कहा कि इन कारणों से चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का निर्णय लिया है, जो एक उचित कदम है।
चुनाव के दो चरणों में मतदान हुआ था – पहले चरण में 152 सीटों और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान हुआ। अब 4 मई को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।










