वाशिंगटन, 28 मार्च।
सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस प्रिंस सुल्तान पर ईरान द्वारा शुक्रवार को किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। इस हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाली इमारत को निशाना बनाया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे दो केसी-135 हवाई रीफ्यूलिंग विमानों को भी गंभीर क्षति पहुँची। अमेरिकी वायु सेना की 378वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग 2019 से इस बेस पर तैनात है। पिछले एक महीने के दौरान ईरान-यूएस टकराव में 300 से अधिक अमेरिकी घायल और 13 की मौत हो चुकी है।
इसके पूर्व हुए हमलों में प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर एक अमेरिकी सैनिक घायल हुआ था, जो बाद में मृत हो गया। वहीं, अलग हमलों में 14 लोग घायल हुए और कुवैत में ईरानी हमले में छह अमेरिकी मारे गए। इराक में अमेरिकी रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्रैश में छह और मारे गए।
सऊदी की राजधानी रियाद से करीब 60 मील दूर स्थित इस बेस का संचालन रॉयल सऊदी एयर फ़ोर्स करती है, जबकि अमेरिकी 378वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग भी यहां तैनात है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में बाधाओं के बीच अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी से ईरान पर हमले शुरू किए।
गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के ऊर्जा स्थलों पर 10 दिनों तक हमले नहीं करेगा, ताकि वार्ता को समय मिल सके। इसके बावजूद ईरान ने आरोप लगाया कि इज़राइल ने इस दौरान अपने हमलों से ट्रंप की मोहलत का उल्लंघन किया।
इस हमले ने क्षेत्रीय मिसाइल इंटरसेप्टर क्षमता की कमी को उजागर किया है। अरब देशों में इंटरसेप्टर कम होने की चिंता लंबे समय से है और अमेरिकी सहयोगी देशों ने व्हाइट हाउस को चेतावनी दी थी कि उन्हें चुनना पड़ेगा कि किन चीज़ों को रोकना है और किनको नहीं।











