चेन्नई, 06 जून ।
केन्द्रीय जांच ब्यूरो द्वारा बैंक धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी पी. अरोकियासामी को गिरफ्तार किया गया है, जो पिछले 15 वर्षों से गिरफ्तारी से बचता आ रहा था।
यह मामला वर्ष 2010 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें चेन्नई की कंपनी सन बायो मैन्योर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों पर बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था।
आरोप था कि सलेम स्थित इंडियन बैंक की वीरापांडी शाखा से वर्मी कल्चर और डेयरी फार्मिंग के नाम पर 2.01 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जबकि गिरवी रखी गई संपत्तियां वास्तविक मालिकों की नहीं थीं।
जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के चलते बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद सीबीआई ने कई आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इस मामले में कंपनी के निदेशक, बैंक अधिकारी सहित कई लोगों को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि पी. अरोकियासामी लंबे समय से फरार था और उसका पता भी फर्जी पाया गया था।
अदालत द्वारा उसे वर्ष 2011 में घोषित अपराधी घोषित किया गया था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
लगातार प्रयासों के बाद सीबीआई ने चार जून को आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 19 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।









