नई दिल्ली, 15 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ अभूतपूर्व बदलाव हासिल किया है। इस दौरान गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई गई हैं।
विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा आज देश की प्रगति की नींव बना है। सरकार ने विकास को गति देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।
शहरी परिवहन व्यवस्था में भी बड़ी क्रांति आई है। देश का मेट्रो रेल नेटवर्क जो कभी 248 किलोमीटर था, वह अब बढ़कर 1100 किलोमीटर हो गया है, जिससे शहरों में आवागमन काफी सुगम और आधुनिक बन गया है।
सड़क निर्माण के क्षेत्र में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। 2014 में 91 हजार किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अब 1 लाख 46 हजार किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जिससे भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है।
रेलवे के कायाकल्प के लिए बजटीय आवंटन को करीब नौ गुना बढ़ाकर 2.78 लाख करोड़ रुपये किया गया है। वंदे भारत ट्रेनें इस नए युग की पहचान बन चुकी हैं, जिनकी 162 सेवाएं यात्रियों का सफर 45 फीसदी तक कम कर रही हैं।
ये तमाम उपलब्धियां एक अधिक समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण कर रही हैं, जो 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।














