एवियन, 17 जून।
फ्रांस के शहर एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के अहम चरण में आज वैश्विक कूटनीति का केंद्र यही शहर बना हुआ है। साझेदार देश के रूप में शामिल भारत की मौजूदगी के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह मुलाकात आज सम्मेलन के इतर होने वाली है।
दोनों नेताओं की फरवरी 2025 में वाशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद यह पहली आमने-सामने की भेंट होगी। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया का ध्यान लगातार नई दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। वैश्विक विषयों पर चर्चाओं में भारत की बढ़ती भूमिका उसकी विस्तृत कूटनीतिक पहुंच और विश्व नेताओं के साथ सक्रिय सहभागिता को दर्शाती है।
शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत बनाने में विश्वास की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा मानवता को प्राथमिकता देने वाला दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए भारत की सोच को सामने रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के अलावा प्रधानमंत्री मोदी आज जी-7 के उस कार्य सत्र में भी भाग लेंगे, जिसका विषय सभी के हित में संतुलित, समावेशी और सतत आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करना है। इसके साथ ही वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित, तेज और प्रभावी उपयोग से जुड़े कार्यकारी भोजन सत्र में भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री का आज यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय संवाद तथा जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक का भी कार्यक्रम है।
इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। उन्होंने केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से भी भेंट की।










