पेरिस, 19 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के अपने दो देशों के दौरे के तीसरे चरण को पूरा कर नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। पेरिस की इस यात्रा को उन्होंने बेहद सफल और रचनात्मक बताया है। सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस की दोस्ती और अधिक प्रगाढ़ होगी। उन्होंने इस द्विपक्षीय यात्रा को जुड़ाव और परिणामों के लिहाज से बेहद व्यापक बताया।
इस यात्रा की शुरुआत नीस शहर से हुई थी, जहां 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके बाद वे एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए और फिर पेरिस पहुंचे। पेरिस में प्रधानमंत्री ने विवाटेक समिट को संबोधित किया, एक विशाल सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठकें कीं। पीएम मोदी ने इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, वहां की सरकार और जनता का विशेष आभार व्यक्त किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस सफल दौरे ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को एक नई गति प्रदान की है। दोनों देशों ने प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया है। यात्रा के समापन पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रॉन ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में एक विशेष विदाई वीडियो संदेश भी जारी किया। नीस और पेरिस के आयोजनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज भारत की बढ़ती हुई तकनीकी ताकत को देख रही है।
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान व्यापार, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सुरक्षा के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा हुआ है। सेंट-गोबैन, मिस्ट्रल एआई और सीएमए सीजीएम जैसी बड़ी फ्रांसीसी कंपनियों के प्रमुखों ने भारत के विकास पर भरोसा जताते हुए विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित समुद्री बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की घोषणा की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत हुए हैं।










