ढाका, 19 जून।
बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। बीते 24 घंटों के भीतर इस बीमारी और इसके लक्षणों के कारण पांच और बच्चों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही देश में इस बीमारी से जान गंवाने वाले मासूमों का कुल आंकड़ा बढ़कर 666 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने इन ताजा मामलों को संदिग्ध खसरे से होने वाली मौतों की श्रेणी में रखा है। मध्य मार्च से शुरू हुए इस प्रकोप में अब तक 93 मौतों की पुष्टि प्रयोगशाला जांच में हो चुकी है, जबकि 573 बच्चों की मौत खसरे जैसे लक्षण दिखने के बाद हुई है।
अस्पतालों में संक्रमितों की आमद लगातार बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में देशभर के विभिन्न अस्पतालों में खसरे जैसे लक्षणों वाले 1,009 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, लैब टेस्टिंग के जरिए 139 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे कुल पुख्ता संक्रमितों की संख्या 10,773 हो गई है। मार्च महीने से अब तक देश में खसरे के संदिग्ध मामले बढ़कर 89,904 तक पहुंच चुके हैं। अगर पुख्ता और संदिग्ध दोनों मामलों को जोड़ दिया जाए, तो कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख के पार हो चुका है। यह हाल के दशकों में देश का सबसे भयावह प्रकोप माना जा रहा है।
इस जानलेवा बीमारी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो वर्षों के दौरान नियमित टीकाकरण अभियानों में आई रुकावट और कमियों के कारण ही स्थिति इतनी गंभीर हुई है। महामारी पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बिना किसी लापरवाही के अपने बच्चों का खसरे का टीका जरूर लगवाएं।










