जयपुर, 17 जून।
राजस्थान में प्री-मानसून की धमाकेदार दस्तक ने पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से आम जनता को बड़ी राहत पहुंचाई है। सूबे के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों के दौरान चली धूलभरी तेज आंधी और झमाझम बारिश की वजह से पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे समूचा मौसम खुशनुमा और सुहावना हो गया है। इसी बीच, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी राज्य के 23 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक मरुधरा में मौसम का यही मिजाज बने रहने की प्रबल संभावना है। इस दौरान बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के अंतर्गत आने वाले जनपदों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने और मूसलाधार बौछारें पड़ने के आसार हैं।
बीते 24 घंटों के आंकड़े देखें तो प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में मेघ जमकर बरसे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में सबसे ज्यादा 66 मिलीमीटर बारिश झुंझुनूं जिले के मलसीसर में रिकॉर्ड की गई। इसके अतिरिक्त झुंझुनूं के ही पिलानी में 54, गुढ़ागौड़जी में 47, झुंझुनूं शहर में 45, उदयपुरवाटी में 36 और खेतड़ी में 26 मिमी पानी गिरा। वहीं, अलवर के कोटकासिम में 30 मिमी, श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर में 37, विजयनगर में 36, चूनावढ़ में 39 मिमी तथा चूरू शहर में 29 और सीकर में 25 मिमी वर्षा मापी गई है।
अचानक आए इस मौसमी बदलाव और आंधी-पानी के असर से राजस्थान के कई शहरों में अधिकतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस तक की अभूतपूर्व गिरावट देखी गई है। चूरू में दिन का पारा 12.2 डिग्री लुढ़ककर 29.4 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया। वहीं पिलानी में तापमान 12.6 डिग्री की भारी गिरावट के साथ 25.9 डिग्री, फतेहपुर में 6.2 डिग्री की कमी के साथ 31.5 डिग्री और झुंझुनूं में 8.7 डिग्री गिरकर 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
घने काले बादलों, ठंडी हवाओं और मानसूनी बौछारों के इस गठजोड़ से चूरू, सीकर, झुंझुनूं, पिलानी और श्रीगंगानगर सहित कई इलाकों में तपती गर्मी और दमघोंटू उमस का दौर थम गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है।














