पूर्वी सिंहभूम, 17 जून।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले के मानगो अंतर्गत एमजीएम थाना क्षेत्र के बालीगुमा में मंगलवार देर रात अज्ञात अपराधियों द्वारा एक युवक पर सरेराह फायरिंग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गोलीबारी की इस घटना में युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया है, जिसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली लगने से घायल हुए युवक की पहचान पड़ोसी सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र निवासी देवदास गौड़ के रूप में की गई है। अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली सीधे युवक की गर्दन में जा धंसी है, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी गर्दन में फंसी गोली को निकालने के लिए आपातकालीन ऑपरेशन में जुटी हुई है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, देवदास गौड़ मंगलवार की शाम को अपने एक दोस्त के साथ राजनगर से बालीगुमा आया हुआ था। वह रात करीब सात बजे से ही स्थानीय इलाके में ही देखा गया था। इसी बीच देर रात घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उस पर करीब से गोली चला दी। गोली लगते ही देवदास लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात के बाद उसे एक महिंद्रा थार गाड़ी से एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन में सवार लोग घायल को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में छोड़कर तुरंत वहां से रफूचक्कर हो गए।
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर एमजीएम थाना पुलिस तुरंत विंग पहुंची और आईसीयू में भर्ती घायल युवक से बयान लेने का प्रयास किया, हालांकि स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टर ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद पुलिस की एक टीम ने बालीगुमा स्थित घटनास्थल और उसके आसपास के संवेदनशील चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है, ताकि शूटरों सुराग लगाया जा सके।
एक एएसआई समेत तीन लोग हिरासत में, बयानों में विरोधाभास:
मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने वाली थार गाड़ी का पता लगाया और उसे अस्पताल में छोड़ने वाले तीन संदिग्धों—देवाशीष पोद्दार, नीरज प्रधान तथा आरआईटी थाना में पदस्थापित सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) पंकज कुमार को हिरासत में ले लिया है। पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, थाने में लाकर जब तीनों से अलग-अलग पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला। किसी का भी बयान आपस में मेल नहीं खा रहा है, जिसके कारण पुलिस की जांच और अधिक उलझ गई है। पुलिस अब बयानों की कड़ियों को जोड़ने और घटना की वास्तविक कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।
एमजीएम थाना प्रभारी सचिन दास ने घटनाक्रम के संबंध में बताया कि शुरुआती जांच और मेडिकल टेस्ट से यह बात साफ हुई है कि घटना के वक्त शामिल या उससे जुड़े लोग अत्यधिक नशे की हालत में थे। पुलिस को अंदेशा है कि शराब के नशे में आपसी लेनदेन या किसी पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ होगा, जिसने बाद में हिंसक रूप अख्तियार कर लिया और बात गोली चलने तक पहुंच गई। फिलहाल पुलिस किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और पूरे मामले की हर एंगल (कोण) से गहराई से जांच की जा रही है।














