चित्तौड़गढ़, 17 जून।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनोरा में मंगलवार देर रात बिजली विभाग की कथित बड़ी लापरवाही के कारण एक ही परिवार की दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। खेत पर बनी एक झोपड़ी में सो रहे परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे स्थित एलटी लाइन पर जा गिरा। हाई वोल्टेज के इस अप्रत्याशित प्रवाह से एलटी लाइन का तार भी टूट गया और उसमें दौड़े तेज करंट की चपेट में आने से सास-बहू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों मृतकाओं के शवों को कब्जे में लेकर निंबाहेड़ा जिला चिकित्सालय के शवगृह भिजवाया है, जहां उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
निम्बाहेड़ा सदर थाने के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संतोष तिवारी ने घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि धनोरा गांव के निवासी भोपराज प्रजापत ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित भोपराज के मुताबिक, मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे उसकी पत्नी मंजू प्रजापत, माता संतु बाई और उनके बच्चे खेत में स्थित अस्थाई झोपड़े में सो रहे थे। तभी झोपड़ी के बिल्कुल पास से गुजरने वाली 11 केवी हाईटेंशन लाइन का एक मुख्य तार अचानक टूट गया और नीचे की एलटी लाइन से टकरा गया। हाई वोल्टेज के अत्यधिक दबाव के कारण एलटी लाइन का तार भी भरभरा कर नीचे सो रहे परिवार पर आ गिरा। इस दौरान जमीन पर गिरे लाइव एलटी तार और उसमें प्रवाहित हो रहे भयंकर करंट की चपेट में सबसे पहले बहू मंजू प्रजापत आ गईं। अपनी बहू को करंट से तड़पता देख उसे बचाने के लिए जैसे ही सास संतु बाई आगे बढ़ीं, वे भी उस जानलेवा करंट की जद में आ गईं।
करंट के इस भीषण झटके से दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। आधी रात को मची चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के खेतों में मौजूद लोग तथा अन्य परिजन तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीण व परिजन बिना वक्त गंवाए दोनों को अचेत अवस्था में निम्बाहेड़ा जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद दोनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि इस हादसे के दौरान शॉर्ट सर्किट से झोपड़ीनुमा घर में भीषण आग भी लग गई थी, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ से समय रहते बुझा दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इस हृदयविदारक हादसे की सूचना पाकर निम्बाहेड़ा सदर थाना पुलिस की टीम तुरंत जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पीड़ित भोपराज प्रजापत की तहरीर के आधार पर बिजली विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा दोनों शवों का पंचनामा (इन्क्वेस्ट रिपोर्ट) तैयार कर मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे धनोरा गांव में गहरा सन्नाटा और शोक की लहर है। एक ही घर से सास-बहू की अर्थी उठने की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए फलवा ग्राम पंचायत के प्रशासक भोपाराज टांक ने कहा कि यह पूरी घटना बेहद दुखद और विचलित करने वाली है। यह सीधे तौर पर बिजली विभाग के रखरखाव में बरती गई घोर लापरवाही का नतीजा है। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रशासन ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए और क्षेत्र में फैली तमाम जर्जर व ढीली विद्युत लाइनों को बिना देरी किए बदला जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बेकसूर की जान न जाए। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत तफ्तीश कर रही है।














