भोपाल, 17 जून।
वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन को नई मजबूती देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के बीच दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में संरक्षण गतिविधियों को और सशक्त बनाया जाएगा।
नागपुर स्थित डब्ल्यूसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक देवा प्रसाद, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा सहित वन विभाग और डब्ल्यूसीएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में डब्ल्यूसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एच.एस. पांडे, निदेशक (वित्त एवं मानव संसाधन) बिक्रम घोष, निदेशक (तकनीकी एवं संचालन) आनंदजी प्रसाद तथा निदेशक (परियोजना एवं नियोजन) संदीप परांजपे भी उपस्थित रहे।
समझौते के तहत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यावरण संरक्षण तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत वॉच टावर निर्माण, वन गश्ती तंत्र को मजबूत करना, सौर ऊर्जा आधारित जल प्रणालियों की स्थापना, आक्रामक वनस्पति प्रजातियों का नियंत्रण तथा देशज घासभूमियों के पुनर्स्थापन जैसे कार्य शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन पहलों से दोनों टाइगर रिजर्व में पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूती मिलेगी और वन्यजीवों के लिए बेहतर आवासीय परिस्थितियां विकसित होंगी। साथ ही संरक्षण प्रबंधन से जुड़े बुनियादी ढांचे में भी सुधार होगा।
इस अवसर पर डब्ल्यूसीएल प्रबंधन ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी ने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से वह जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के संवर्धन में लगातार योगदान दे रही है।














