नई दिल्ली, 17 जून।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के अमेठी में सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच जिलों के 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने लखनऊ, अयोध्या, कुशीनगर, प्रतापगढ़ और अमेठी में तलाशी अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
सीबीआई के अनुसार यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। एजेंसी ने इस मामले में 8 जून को पांच नामजद आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था। मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
जांच के दायरे में आए आरोपितों में बेसिक शिक्षा विभाग, गौरीगंज के तत्कालीन कनिष्ठ लेखा लिपिक मनोज कुमार मालवीय, ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह, ब्लॉक एमआईएस कोऑर्डिनेटर शिवम कुमार पांडेय, एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार द्विवेदी तथा सहायक शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ला शामिल हैं।
इससे पहले मार्च 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी की शिकायत पर गौरीगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था। बाद में न्यायालय के निर्देशों के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मुख्य आरोपित ने अन्य सहयोगियों और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से सरकारी धन को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया। प्रारंभिक जांच में करीब चार करोड़ रुपये के सरकारी फंड के गबन की बात सामने आई है।
बुधवार को की गई तलाशी के दौरान सीबीआई को कथित गबन की राशि के निवेश और उपयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री प्राप्त हुई है। एजेंसी इन साक्ष्यों की जांच कर वित्तीय लेनदेन की पूरी श्रृंखला को खंगाल रही है।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कथित अनियमितताओं में अन्य लोगों की भूमिका रही है या नहीं।














