पलामू, 17 जून।
झारखंड के पलामू जिले में पड़वा मोड़-औरंगाबाद मुख्य मार्ग पर छतरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सुल्तानी घाटी में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक चलती बाइक से अचानक अनियंत्रित होकर गिर जाने के कारण एक 30 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि, इस भीषण हादसे में महिला की गोद में मौजूद उसका 10 महीने का दुधमुंहा बच्चा चमत्कारिक रूप से पूरी तरह बाल-बाल बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पलामू के हरिहरगंज अंतर्गत रजवार गांव निवासी प्रतिमा देवी (30 वर्ष), पति सत्येंद्र भुइयां के रूप में की गई है। बताया गया है कि प्रतिमा देवी ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से समूह के माध्यम से लोन (ऋण) स्वीकृत कराया था, लेकिन केवाईसी दस्तावेज प्रक्रिया अटक जाने के कारण लोन राशि का अंतिम भुगतान नहीं हो पा रहा था। मंगलवार शाम को लोन पास कराने वाला संबंधित फाइनेंस कंपनी का एक स्थानीय कर्मचारी महिला को अपनी बाइक पर बैठाकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कराने के लिए छतरपुर स्थित बैंक शाखा ले जा रहा था।
इसी दौरान सुल्तानी घाटी के तीखे मोड़ पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और प्रतिमा देवी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। दुर्घटना के बाद घबराया हुआ फाइनेंस कर्मी आनन-फानन में घायल महिला और उसके रोते हुए बच्चे को इलाज के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) लेकर पहुंचा। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर सुनते ही कानूनी कार्रवाई और पुलिस के डर से फाइनेंस कर्मी अस्पताल में मौजूद मृतका के परिजनों को सिर्फ दुर्घटना की संक्षिप्त सूचना देकर और बच्चे को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया।
बुधवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में मृतका प्रतिमा देवी के शव का पंचनामा कर एमएमसीएच पलामू में ही पोस्टमार्टम कराया गया। अस्पताल पहुंची मृतका की सास महेश्वरी देवी ने रोते हुए बताया कि उनकी बहू पैसों की सख्त जरूरत के कारण छतरपुर बैंक जा रही थी। लोन दिलाने वाला एजेंट खुद घर आकर उसे अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया था। रास्ते में यह हादसा हो गया। कर्मी ने अस्पताल में परिजनों को फोन कर सिर्फ एक्सीडेंट की बात कही और रफूचक्कर हो गया, जिसके चलते 10 महीने का मासूम बच्चा काफी देर तक अस्पताल परिसर में अपनी मां के शव के पास बिलखता रहा। परिजनों ने फिलहाल बाइक चलाने वाले उस अज्ञात फाइनेंस कर्मी को सामने से पहचानने से इनकार किया है। मृतका का पति सत्येंद्र भुइयां रोजी-रोटी के सिलसिले में राज्य से बाहर रहकर मजदूरी करता है। घटना के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अस्पताल में मृतका के जेठ (भसुर) उपेंद्र भुइयां सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे और पुलिस फरार कर्मी की तलाश में जुट गई है।














