जयपुर, 17 जून।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया) के पावन अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादे समारोह में शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप के चित्र पर श्रद्धासुमन और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
इस गौरवमयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को महाराणा प्रताप जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने महाराणा प्रताप के अप्रतिम शौर्य को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि परम स्वाभिमानी और स्वतंत्रता के अमर संवाहक थे। सत्य, धर्म, न्याय और राष्ट्रहित के सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए उन्होंने अपनी मातृभूमि की आन-बान-शान की रक्षा तथा मानवीय आत्मगौरव के लिए अपना पूरा जीवन और सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका संपूर्ण जीवन अदम्य साहस, अप्रतिम त्याग, अद्वितीय स्वाभिमान और प्रखर राष्ट्रभक्ति की एक अनुपम तथा जीवंत मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे रेखांकित किया कि महाराणा प्रताप के महान आदर्श और उनका ऐतिहासिक संघर्ष आज भी हर भारतीय को देशहित में समर्पित रहने तथा राष्ट्र की संप्रभुता व अखंडता की रक्षा करने की अमर प्रेरणा देते हैं। उन्होंने राजस्थान के नागरिकों सहित सभी देशवासियों का पुरजोर आह्वान किया कि वे इस महान विभूति के जीवन मूल्यों और आदर्शों को अपने भीतर आत्मसात करें। साथ ही, राष्ट्र की उन्नति में भागीदारी निभाने और देश सेवा का अटूट संकल्प लें, ताकि हमारा देश और प्रदेश प्रगति के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर सके।














