बहराइच, 17 जून।
]उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार से सटे सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में खूंखार जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। इसी कड़ी में ताजा खौफनाक वाकया मोतीपुर वन रेंज के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चंदनपुर से सामने आया है, जहां बुधवार तड़के एक किसान पर तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर उसे लहुलूहान कर दिया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द से जल्द पिंजरे में कैद करने की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मोतीपुर वन रेंज के चंदनपुर गांव निवासी झनकू बुधवार सुबह अपने खेत में कृषि कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान घात लगाकर झाड़ियों में बैठे एक तेंदुए ने अचानक झनकू पर पीछे से हमला बोल दिया। तेंदुए के इस अप्रत्याशित हमले में झनकू के पेट, हाथ और बदन के कई हिस्सों में गहरे घाव हो गए। पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ तुरंत मौके पर दौड़े और शोर मचाते हुए (हांका लगाकर) तेंदुए को जंगल की तरफ खदेड़ दिया। वारदात के बाद बदहवास परिजन घायल किसान को इलाज के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोतीपुर ले गए, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
हमले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की एक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों में महकमे के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इलाके में पिछले कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी और इसकी सूचना भी दी गई थी, परंतु वन विभाग द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण आज यह बड़ी वारदात घटित हुई।
मामले पर जानकारी देते हुए वन दारोगा शाहिद लतीफ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया गया है। तेंदुए की हर गतिविधि और मूवमेंट पर बारीक नजर रखी जा रही है, तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के मद्देनजर जल्द ही पिंजरा लगाकर उसे पकड़ लिया जाएगा।














