सरकार के प्रशासनिक मुखिया की कुर्सी को लेकर गलियारों में खूब कसरत चल रही है। हर खेमा अपने उम्मीदवार को सबसे मजबूत बता रहा है।
हालांकि अनुभवी लोग मुस्कुरा रहे हैं, क्योंकि पिछली बार भी जोड़-घटाव बहुत हुए थे और अंत में वही हुआ था जो ऊपर वाले ने मंजूर किया। इस बार भी दांव बहुत हैं, लेकिन पत्ता कौन खोलेगा, यह वक्त ही बताएगा।














