गोवा, 18 जून।
भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहला स्वदेशी एयर कुशन वाहन (एसीवी) सेवा में शामिल किया गया है। गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस अत्याधुनिक वाहन को औपचारिक रूप से तटरक्षक बेड़े का हिस्सा बनाया गया।
यह एयर कुशन वाहन उन छह स्वदेशी एसीवी में पहला है, जिनका निर्माण चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य तटीय और समुद्री क्षेत्रों में तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना है।
अधिकारियों के अनुसार यह होवरक्राफ्ट कठिन समुद्री और तटीय परिस्थितियों में भी तेजी से संचालन करने में सक्षम है। इसके शामिल होने से निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव अभियान तथा समुद्री सुरक्षा संबंधी कार्यों में सहायता मिलेगी।
तटरक्षक बल का मानना है कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी। साथ ही यह देश के बढ़ते समुद्री विनिर्माण और रक्षा उत्पादन क्षेत्र की क्षमता को भी दर्शाती है।
गोवा में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों और जहाज निर्माण उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा आधुनिक तकनीक आधारित संसाधनों को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला गया।
अधिकारियों ने कहा कि संगठन लगातार अपने बेड़े और संसाधनों के आधुनिकीकरण पर कार्य कर रहा है, ताकि देश के समुद्री हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नए एयर कुशन वाहन के शामिल होने से तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह एयर कुशन वाहनों की खरीद को लेकर रक्षा मंत्रालय और निर्माण कंपनी के बीच अनुबंध किया गया था। इस श्रृंखला का पहला वाहन अब औपचारिक रूप से सेवा में शामिल हो चुका है।















